शहीदों और योद्धाओं के सम्मान में मनाया गया सशस्त्र सेना झंडा दिवस

शहीदों और योद्धाओं के सम्मान में मनाया गया सशस्त्र सेना झंडा दिवस

बिलासपुर/शहीदों और योद्धाओं के सम्मान में प्रत्येक वर्ष 7 दिसम्बर को सशस्त्र सेना झंडा दिवस मनाया जाता है। जिला सैनिक कल्याण बोर्ड कार्यालय में भी आज सशस्त्र सेना झंडा दिवस मनाया गया। एडीएम आरए कुरूवंशी ने इस अवसर पर कहा कि देश की सेना के प्र्रति सम्मान प्रकट करने और उनके लिए एकजुट होने का दिन है।

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उन्होंने कहा कि सीमाओं पर सैनिक जागते हैं, इसलिए हम सुख-चैन की नींद सो पाते है। एडीएम ने कहा कि सशस्त्र सेना झंडा दिवस भारतीय सशस्त्र बलों के कर्मियों के कल्याण और शहीदों के लिए समर्पित दिन है। जिला सैनिक कल्याण कार्यालय के कल्याण संयोजक सूबेदार मेजर शिवेन्द्र पाण्डेय ने सशस्त्र सेना झंडा दिवस के विषय में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सशस्त्र झंडा दिवस हमारे उन योद्धाओं को समर्पित है जिन्होंने अपने प्राणों की परवाह किए बगैर शत्रुओं का सामना किया।

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यह दिवस भूतपूर्व सैनिकों के पुनर्वास एवं कल्याण के लिए भारत सरकार द्वारा निर्धारित दिवस है। उन्होंने बिलासपुर के नागरिकों से अपील की है कि सैन्य समुदाय के प्रति आदर और सदभाव व्यक्त करते हुए अधिक से अधिक आर्थिक सहयोग प्रदान करें। इस अंशदान राशि का प्रयोग, भूतपूर्व सैनिकों, विधवाओं और उनके बच्चों के लिए संचालित कल्याण योजनाओं में किया जाता है। कार्यक्रम में कर्नल जेम्स लाल, कर्नल राकेश सिंह बिसेन, कर्नल वीके शुकुल, कैपटन बीके शर्मा, लेफ्टिनेंट रवींद्र गोपाल, कैपटन देवेन्द्र दीक्षित सहित 50 से ज्यादा सैनिक एवं उनके परिजन मौजूद थे।   

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ब्यूरो रिपोर्ट