*खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स का आयोजन जनजातीय प्रतिभाओं के लिए ऐतिहासिक और यादगार मंच - मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय*

*खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स का आयोजन जनजातीय प्रतिभाओं के लिए ऐतिहासिक और यादगार मंच - मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय*

*खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स का आयोजन जनजातीय प्रतिभाओं के लिए ऐतिहासिक और यादगार मंच - मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय*

*जनजातीय प्रतिभाओं को मिला राष्ट्रीय मंच, खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स बना नए अवसरों का द्वार - उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव*

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*व्यक्तिगत स्पर्धाओं में स्वर्ण पदक के लिए 2 लाख रुपये, रजत के लिए 1.5 लाख रुपये और कांस्य के लिए 1 लाख रुपए: दलीय स्पर्धाओं में स्वर्ण के लिए 1 लाख रुपये, रजत के लिए 75 हजार रुपये और कांस्य के लिए 50 हजार रुपये देने की घोषणा*

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*खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स प्रतिवर्ष छत्तीसगढ़ में होंगे आयोजित*

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*समापन समारोह में बॉक्सर मेरीकॉम और फुटबॉलर बाइचुंग भूटिया हुए शामिल*

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रायपुर, 03 अप्रैल 2026/मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने पंडित दीनदयाल आडिटोरियम रायपुर में आयोजित खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 के समापन समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि पिछले 10 दिनों में छत्तीसगढ़ की पावन धरा पर जो जोश और ऊर्जा देखने को मिली, उसने पूरे देश का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया है। उन्होंने कहा कि यह आयोजन देश की आदिवासी प्रतिभाओं को एक मंच प्रदान करने और उनकी खेल क्षमता को सामने लाने का अनूठा अवसर साबित हुआ है।

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मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने उद्बोधन में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके विजन और मार्गदर्शन के कारण छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय स्तर पर प्रथम खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स की मेजबानी का गौरव प्राप्त हुआ। साथ ही केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया के निरंतर सहयोग की सराहना करते हुए कहा कि उनके प्रयासों से छत्तीसगढ़ आज देश के खेल मानचित्र में प्रमुख स्थान पर स्थापित हुआ है। उन्होंने कहा कि अब यह गेम्स प्रतिवर्ष छत्तीसगढ़ में आयोजित किए जाएंगे, जो राज्य के लिए गर्व का विषय है।

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मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि जनजातीय समाज और खेल का रिश्ता सदियों पुराना है। तीरंदाजी, दौड़ और कुश्ती जैसे खेल जनजातीय जीवन का अभिन्न हिस्सा रहे हैं। उन्होंने स्वयं के जनजातीय पृष्ठभूमि का उल्लेख करते हुए कहा कि जनजातीय समाज में अपार ऊर्जा और प्रतिभा निहित है, जिसे सही मंच मिलने पर देश-विदेश में पहचान मिल सकती है। उन्होंने कहा कि यह आयोजन केवल खेल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि देश की एकता, संस्कृति और कौशल का महाकुंभ बनकर उभरा है। देशभर के 30 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के जनजातीय खिलाड़ियों ने इसमें भाग लेकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। यह आयोजन आदिवासी युवाओं को सशक्त बनाने और खेलों को जमीनी स्तर पर मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

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मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि खिलाड़ियों ने केवल जीत के लिए नहीं, बल्कि साहस और उत्कृष्टता की नई कहानियां रचने के लिए प्रतिस्पर्धा की है। उन्होंने यह साबित किया है कि प्रतिभा केवल बड़े शहरों तक सीमित नहीं, बल्कि बस्तर, सरगुजा, झारखंड और पूर्वोत्तर के दूरस्थ क्षेत्रों में भी भरपूर है।

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समारोह में मुख्यमंत्री श्री साय ने पदक तालिका में शीर्ष स्थान प्राप्त करने वाले कर्नाटक, द्वितीय स्थान ओडिशा और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले झारखंड के खिलाड़ियों को बधाई दी। साथ ही छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर गर्व व्यक्त करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ ने कुल 19 पदक (03 स्वर्ण, 10 रजत और 06 कांस्य) हासिल किए हैं। उन्होंने खिलाड़ियों की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए बताया कि स्विमिंग में अनुष्का भगत ने 4 रजत पदक जीते, निखिल खलखो और न्यासा पैकरा ने भी पदक जीतकर राज्य का नाम रोशन किया। एथलेटिक्स में सिद्धार्थ नागेश ने स्वर्ण और रजत पदक जीते, वहीं अन्य खिलाड़ियों ने भी उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। वेटलिफ्टिंग में निकिता ने स्वर्ण पदक जीतकर प्रदेश की बेटियों का मान बढ़ाया। बालिका वर्ग फुटबॉल टीम ने स्वर्ण और बालक वर्ग हॉकी टीम ने कांस्य पदक जीतकर राज्य का गौरव बढ़ाया। उन्होंने सभी खिलाड़ियों को भविष्य के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि निरंतर मेहनत और समर्पण से वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर सफलता प्राप्त कर सकते हैं।

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इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने पदक विजेताओं के लिए नगद पुरस्कार की घोषणा भी की। व्यक्तिगत स्पर्धाओं में स्वर्ण पदक के लिए 2 लाख रुपये, रजत के लिए 1.5 लाख रुपये और कांस्य के लिए 1 लाख रुपये प्रदान किए जाएंगे। वहीं दलीय स्पर्धाओं में स्वर्ण के लिए 1 लाख रुपये, रजत के लिए 75 हजार रुपये और कांस्य के लिए 50 हजार रुपये देने की घोषणा की गई।

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मुख्यमंत्री ने अंत में सभी खिलाड़ियों, कोच, आयोजन समिति, अधिकारियों और सहयोगी संस्थाओं को इस ऐतिहासिक आयोजन को सफल बनाने के लिए बधाई दी और विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले समय में छत्तीसगढ़ जनजातीय खेलों का प्रमुख केंद्र बनकर उभरेगा। उन्होंने सभी खिलाड़ियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि उनकी मेहनत उन्हें ओलंपिक और अंतरराष्ट्रीय मंचों तक अवश्य पहुंचाएगी।

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समापन समारोह में उपमुख्यमंत्री एवं खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री अरुण साव ने  सफल आयोजन के लिए बधाई देते हुए कहा कि पूरे देश के जनजातीय खिलाड़ियों ने इस खेल महाकुंभ में उत्साह और ऊर्जा के साथ भाग लिया। उन्होंने बताया कि यह पहला अवसर है जब इस स्तर पर ट्राइबल गेम्स का आयोजन किया गया, जिससे खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने और राष्ट्रीय स्तर पर आगे बढ़ने का अवसर मिला। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके मार्गदर्शन में यह आयोजन संभव हो पाया।श्री साव ने कहा कि राज्य सरकार ने खिलाड़ियों के आगमन से लेकर प्रतियोगिता के दौरान आवास, भोजन और अन्य सुविधाओं की बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित की। साथ ही छत्तीसगढ़ की संस्कृति और आतिथ्य का अनुभव कराने का भी प्रयास किया गया।  उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में यह आयोजन और अधिक भव्य रूप में आयोजित होगा। उन्होंने पदक तालिका में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली टीमों को बधाई दी तथा छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों के प्रदर्शन की भी सराहना की। 

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इस अवसर पर मुख्य सचिव श्री विकास शील ने सभी खिलाड़ियों, अधिकारियों एवं आयोजकों को सफल आयोजन के लिए बधाई दी। उन्होंने बताया कि इस आयोजन में देशभर के 2000 से अधिक जनजातीय खिलाड़ी एवं अधिकारियों ने भाग लिया, जिससे यह प्रतियोगिता एक राष्ट्रीय स्तर का महत्वपूर्ण मंच बन गई। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने जनजातीय प्रतिभाओं को अवसर प्रदान करने के उद्देश्य से इस आयोजन को सफलतापूर्वक संपन्न किया है। यह मंच खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा निखारने और राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए तैयार होने का अवसर देता है।

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इस अवसर पर अंतरराष्ट्रीय बॉक्सर मेरीकॉम और फुटबॉलर बाइचुंग भूटिया भी विशेष अतिथि के रूप में शामिल हुए। साथ ही केबिनेट मंत्री श्री राजेश अग्रवाल, विधायक श्री पुरंदर मिश्रा, छत्तीसगढ़ ओलंपिक एसोसिएशन के महासचिव श्री विक्रम सिसोदिया, छत्तीसगढ़ राज्य तेलघानी विकास बोर्ड के अध्यक्ष श्री जितेन्द्र कुमार साहू, छत्तीसगढ़ नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष श्री संजय श्रीवास्तव, छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष सुश्री मोना सेन, खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सचिव श्री यशवंत कुमार, रायपुर कमिश्नर श्री संजीव शुक्ला, जनप्रतिनिधिगण, वरिष्ठ अधिकारी कर्मचारी सहित बड़ी संख्या में देश भर से आए खिलाड़ी उपस्थित थे।