बस्तर बदल रहा है - अब यहां बंदूक और बारूद का धुआं नहीं बल्कि विकास और विश्वास की बयार बह रही है।

बस्तर बदल रहा है - अब यहां बंदूक और बारूद का धुआं नहीं बल्कि विकास और विश्वास की बयार बह रही है।
बस्तर बदल रहा है - अब यहां बंदूक और बारूद का धुआं नहीं बल्कि विकास और विश्वास की बयार बह रही है।
बस्तर बदल रहा है - अब यहां बंदूक और बारूद का धुआं नहीं बल्कि विकास और विश्वास की बयार बह रही है।

बस्तर बदल रहा है - अब यहां बंदूक और बारूद का धुआं नहीं बल्कि विकास और विश्वास की बयार बह रही है।

_x000D_

हमारी सरकार की “आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति 2025” और “पूना मारगेम : पुनर्वास से पुनर्जीवन” जैसे मानवीय अभियानों ने उन लोगों के दिलों में आशा का दीप जलाया है, जो कभी भटक कर लाल आतंक के रास्ते चले गए थे।

_x000D_

आज नारायणपुर में 16 माओवादी कैडरों ने हिंसा का मार्ग त्यागकर मुख्यधारा में लौटकर यह साबित किया है कि परिवर्तन संभव है, विकास की राह ही शांति का सच्चा शस्त्र है।

_x000D_

आत्मसमर्पण करने वाले कैडरों पर कुल ₹48 लाख का इनाम घोषित था, जो अब शांति, शिक्षा और सम्मानपूर्ण जीवन की नई शुरुआत कर रहे हैं।

_x000D_

अब तक पिछले 20 महीनों में 1,837 माओवादी मुख्यधारा में शामिल हो चुके हैं, यह इस बात का प्रमाण है कि डबल इंजन सरकार की नीतियों में जन-जन का विश्वास और सुरक्षा बलों की दृढ़ता, बस्तर को एक नए युग की ओर ले जा रही है।

_x000D_

यह केवल आत्मसमर्पण नहीं, बल्कि बस्तर के पुनर्जागरण की शुरुआत है।

_x000D_

-श्री विष्णु देव साय
मुख्यमंत्री, छत्तीसगढ़ शासन