रायपुर 10 जनवरी 2026/मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में 14 नवम्बर 2025 से प्रारंभ हुआ छत्तीसगढ़ का धान खरीदी महाअभियान पारदर्शिता, गति और किसान-हितैषी व्यवस्था का उदाहरण बनता जा रहा है।
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प्रदेश में अब तक 16.95 लाख पंजीकृत किसानों से 93.12 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी की जा चुकी है।किसानों को उनके पसीने की पूरी कीमत समय पर मिल सके, इसके लिए शासन द्वारा समर्थन मूल्य के तहत अब तक लगभग 20 हजार 753 करोड़ रुपये का भुगतान सीधे किसानों के खातों में किया जा चुका है। यह न केवल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति दे रहा है, बल्कि किसानों के आर्थिक आत्मविश्वास को भी नई मजबूती प्रदान कर रहा है।
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प्रदेशभर में संचालित 2,740 धान उपार्जन केंद्रों के माध्यम से खरीदी की प्रक्रिया सुव्यवस्थित, डिजिटल निगरानीयुक्त और पूर्णतः पारदर्शी ढंग से संचालित की जा रही है। शासन की यह व्यवस्था सुनिश्चित कर रही है कि वास्तविक किसान को ही लाभ मिले और बिचौलियों अथवा फर्जी प्रविष्टियों की कोई गुंजाइश न रहे।
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किसानों की सुविधा को प्राथमिकता देते हुए राज्य सरकार ने टोकन व्यवस्था को और अधिक सरल एवं सुलभ बनाया है। खाद्य विभाग द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार अब टोकन सहकारी समितियों के माध्यम से जारी किए जा रहे हैं।खरीदी के आंकड़े बताते हैं कि प्रदेश के प्रमुख धान उत्पादक जिलों में तेज गति से उपार्जन हुआ है।
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उल्लेखनीय है कि 8 जनवरी तक महासमुंद जिले में 6 लाख 33 हजार 291 क्विंटल, बेमेतरा जिले में 5 लाख 33 हजार 482 क्विंटल, बलौदाबाजार-भाठापारा जिले में 5 लाख 15 हजार 071 क्विंटल, बालोद जिले में 4 लाख 99 हजार 074 क्विंटल, रायपुर जिले में 4 लाख 66 हजार 249 क्विंटल, धमतरी जिले में 4 लाख 43 हजार 308 क्विंटल, राजनांदगांव जिले में 4 लाख 42 हजार 473 क्विंटल, बिलासपुर जिले में 4 लाख 21 हजार 142 क्विंटल, जांजगीर-चांपा जिले में 4 लाख 18 हजार 429 क्विंटल, कवर्घा जिले में 4 लाख 12 हजार 003 क्विंटल, दुर्ग जिले में 3 लाख 60 हजार 605 क्विंटल, गरियाबंद जिले में 3 लाख 60 हजार 612 क्विंटल, मुंगेली जिले में 3 लाख 58 हजार 072 क्विंटल, रायगढ़ जिले में 3 लाख 42 हजार 528 क्विंटल, कांकेर जिले में 3 लाख 25 हजार 960 क्विंटल, सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में 3 लाख 14 हजार 758 क्विंटल, धान की खरीदी हुई है।
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इसी प्रकार बस्तर जिले में 1 लाख 79 हजार 964 क्विंटल, बीजापुर में 59 हजार 583 क्विंटल, दंतेवाड़ा में 10 हजार 238 क्विंटल, कोंडागांव 1 लाख 97 हजार 106 क्विंटल, नारायणपुर में 24 हजार 022 क्विंटल, सुकमा 47 हजार 617 क्विंटल, गौरेला-पेण्ड्रा-मारवाही में 87 हजार 870 क्विंटल, कोरबा में 1 लाख 56 हजार 983 क्विंटल, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले में 2 लाख 77 हजार 071 क्विंटल, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में 1 लाख 41 हजार 353 क्विंटल, बलरामपुर जिले में 1 लाख 57 हजार 708 क्विंटल, जशपुर जिले में 1 लाख 68 हजार 264 क्विंटल, कोरिया जिले में 76 हजार 648 क्विंटल, सरगुजा जिले में 2 लाख 2 हजार 951 क्विंटल, सूरजपुर जिले में 2 लाख 29 हजार 359 क्विंटल, सक्ती जिले में 2 लाख 70 हजार 468 क्विंटल और मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले में 56 हजार 855 क्विंटल धान की खरीदी हुई है।
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छत्तीसगढ़ की धान खरीदी प्रणाली आज केवल एक प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि किसान सम्मान, पारदर्शिता और आर्थिक सशक्तिकरण का मजबूत स्तंभ बन चुकी है।
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मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में सरकार का यह संकल्प स्पष्ट है कि हर पात्र किसान को समय पर, पूरा और पारदर्शी लाभ मिलेगा — और यही राज्य की ग्रामीण अर्थव्यवस्था की सबसे बड़ी ताकत है।