माओवाद छोड़ लोकतंत्र की ओर बढ़ते कदम
माओवाद छोड़ लोकतंत्र की ओर बढ़ते कदम
छत्तीसगढ़ सरकार की नवीन आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति 2025 और नियद नेल्ला नार योजना ने जगाया विश्वास। हिंसा का रास्ता छोड़कर माओवादी अब मुख्यधारा में लौट रहे हैं।
नारायणपुर जिले में चलाए जा रहे “माड़ बचाओ अभियान” के तहत सुरक्षाबलों के निरंतर प्रयासों से 02 एरिया कमेटी सदस्य सहित कुल ₹18 लाख के ईनामी 12 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है। इन आत्मसमर्पित नक्सलियों पर ₹50 हजार से लेकर ₹5 लाख तक के इनाम घोषित थे।
_x000D_आत्मसमर्पित नक्सलियों को बेहतर जीवन के लिए ₹50-50 हजार की प्रोत्साहन राशि के चेक प्रदान किए गए हैं और उन्हें नक्सल उन्मूलन नीति के तहत मिलने वाली सभी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
_x000D_अब तक हमारी सरकार के कार्यकाल में 1704 माओवादी आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा से जुड़ चुके हैं। यह हमारी सरकार की नवीन आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति 2025 तथा जनकल्याणकारी योजनाओं की सकारात्मकता का प्रमाण है।
_x000D_डबल इंजन की सरकार 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद को जड़ से समाप्त करने और आत्मसमर्पित नक्सलियों को पुनर्वास व सम्मानजनक जीवन उपलब्ध कराने के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है।
_x000D_-श्री विष्णु देव साय
मुख्यमंत्री, छत्तीसगढ़ शासन


