छत्तीसगढ़ अखिल भारतीय वन खेल प्रतियोगिता में फिर बना चैम्पियन, रचा इतिहास

छत्तीसगढ़ अखिल भारतीय वन खेल प्रतियोगिता में फिर बना चैम्पियन, रचा इतिहास

रायपुर, 16 नवम्बर 2025/ छत्तीसगढ़ ने अखिल भारतीय वन खेल प्रतियोगिता में एक बार फिर इतिहास रच दिया है। देहरादून में हुई 28वीं अखिल भारतीय वन खेल प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन करते हुए मेडल तालिका में पहला स्थान हासिल किया है। इस प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ ने 150 मेडल और 578 अंक के साथ लगातार दूसरे वर्ष चैम्पियनशिप अपने नाम की है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले सभी खिलाड़ियों और टीमों को बधाई देते हुए उन्हें भविष्य में भी ऐसे ही उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के लिए बधाई और शुभकामनाएँ दी है।

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उल्लेखनीय है कि 28वीं ऑल इंडिया फ़ॉरेस्ट स्पोर्ट्स मीट 12 नवम्बर से 17 नवम्बर तक देहरादून में आयोजित हुई। इस प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ ने 74 गोल्ड, 34 रजत, 42 कांस्य लेकर प्रथम स्थान प्राप्त किया। छत्तीसगढ़ की ओर से इस प्रतियोगिता में भाग लेने 253 सदस्यों ने हिस्सा लिया। प्रतियोगिता में कई उत्कृष्ट व्यक्तिगत प्रदर्शन भी छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों ने किया। इनमें सर्वश्रेष्ठ पुरुष खिलाड़ी निखिल ज़ाल्को ने तैराकी में 5 स्वर्ण, सर्वश्रेष्ठ महिला खिलाड़ी संगीता राजगोपालन बैडमिंटन एवं टेनिस में 4 स्वर्ण, 1 रजत, सर्वश्रेष्ठ एथलीट महिला ओपन थोटा संकीर्तन ने 5 स्वर्ण पदक प्राप्त कर “गोल्डन गर्ल का खिताब पाया। इसी प्रकार सर्वश्रेष्ठ एथलीट (पुरुष वेटरन) सुखनंदन लाल धु्रव ने 5 स्वर्ण, सर्वश्रेष्ठ एथलीट (महिला वेटरन) चारुलता गजपाल 4 स्वर्ण ने पदक प्राप्त किया।

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छत्तीसगढ़ ने लगातार 13वीं बार ओवरऑल चैंपियनशिप ट्रॉफी अपने नाम की। इस खेल-कूद प्रतियोगिता के समापन समारोह में उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) गुरमीत सिंह तथा उत्तराखंड के वन मंत्री श्री सुबोध उनियाल ने संयुक्त रूप से ओवरऑल चैंपियनशिप ट्रॉफी प्रदान की। छत्तीसगढ़ की ओर से यह ट्रॉफी सुश्री शालिनी रैना ने ग्रहण की। अतिरिक्त मुख्य सचिव श्रीमती ऋचा शर्मा और वन बल प्रमुख श्री व्ही. श्रीनिवास राव ने सभी खिलाड़ियों को अपनी बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। 

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अखिल भारतीय वन खेल-कूद प्रतियोगिता में केरल ने 31 गोल्ड लेकर द्वितीय स्थान और कर्नाटक ने 25 गोल्ड मेडल लेकर तीसरा स्थान हासिल किए। जबकि मेजबान उत्तराखंड छठे स्थान पर रहा। इस प्रतियोगिता को पर्यावरण संरक्षण से जोड़ते हुए एक विशेष पहल भी की गई। इसके तहत “एक खेल-एक वन” की अवधारणा पर सभी मेडल जीतने वाले खिलाड़ी के नाम पर एक पेड़ लगाया गया, जिससे खिलाड़ियों को खेल के साथ-साथ प्रकृति संरक्षण का संदेश भी मिला।