*कलेक्टर ने टीएल बैठक में की लंबित मामलों की समीक्षा,गरमी से पहले प्राथमिकता से हैण्डपंप मरम्मत के निर्देश,अधिकारी-कर्मचारियों को आपात स्थिति में हृदय रोग से बचाव हेतु दवाइयों का वितरण*

*कलेक्टर ने टीएल बैठक में की लंबित मामलों की समीक्षा,गरमी से पहले प्राथमिकता से हैण्डपंप मरम्मत के निर्देश,अधिकारी-कर्मचारियों को आपात स्थिति में हृदय रोग से बचाव हेतु दवाइयों का वितरण*

बिलासपुर। कलेक्टर अवनीश शरण ने टीएल बैठक में लम्बित मामलों और राज्य सरकार की प्राथमिकता वाली योजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने गर्मी के मौसम को ध्यान में रखते हुए अभी से पेयजल समस्या से निपटने के लिए ऐतिहात के तौर पर कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने हैण्डपंप मरम्मत का काम प्राथमिकता से शुरू करने कहा है। जनपद सीईओ को इस संबंध में गांववार मरम्मत के लिए सूची तैयार करने कहा। उन्होंने कहा कि पूरा अमला सतर्क रहे। हैण्डपंप खराब होने की कहीं से भी सूचना मिलने पर तुरंत मरम्मत कार्य करवाया जाए। उन्होंने पूरे जिले में अभियान चलाकर 30 वर्ष से ज्यादा उम्र के लोगों के बीपी और शुगर की जांच करने के निर्देश दिए सीएमएचओ को दिए हैं। अभियान के पहले चरण में सभी शासकीय अधिकारी-कर्मचारियों की बीपी शुगर की जांच की जाएगी बैठक में डीएफओ सत्यदेव शर्मा, सीईओ जिला पंचायत संदीप अग्रवाल, सहायक कलेक्टर तन्मय खन्ना, एडीएम आर ए कुरूवंशी, शिव कुमार बनर्जी भी शामिल थे।

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कलेक्टर ने गर्मी के मौसम के मद्देनजर गांवों में पेयजल संकट से निपटने के लिए प्रभावी कदम उठान के निर्देश ईईपीएचई और जल संसाधन विभाग को दिए। प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त योजना में प्रगति लाने के निर्देश दिए। रिक्त पदों पर जल्द भर्ती करने कहा। स्कूलों में शौचालय मरम्मत का कार्य प्राथमिकता से पूरा करने के निर्देश दिए। 
अधिकारी-कर्मचारियों को दवा वितरण
मंथन सभाकक्ष में आज हृदय रोग से आपात स्थिति में बचाव के लिए अधिकारी-कर्मचारियों को सीएमएचओ डाॅ. प्रमोद तिवारी द्वारा ईकोस्प्रिन और साॅर्बिट्रेट दवा का वितरण किया गया। सिविल सर्जन डाॅ. अनिल गुप्ता ने बताया कि यह दवा अचानक सीने में बांए तरफ दर्द होने पर हार्ट अटैक जैसी परिस्थिति बनने पर लेनी है। अस्पताल पहंुचते तक इस दवाई से थोड़ी राहत मिल जाती है। यह दवा बहुत ही सस्ती होती है। दवा ऐसी आपात स्थिति में ली जा सकती है जब केाई वाहन चला रहा हो, घर में अकेला हो, आस-पास कोई न हो तो साॅर्बिट्रेट को जीभ के नीचे रखना है और ईकोस्प्रिन को खाना है। दवाई को चूसते वक्त एक ही स्थान पर बैठे रहना है। 5-10 मिनट के बाद नजदीकी अस्पताल जाकर इलाज करवाना है। 

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ब्यूरो रिपोर्ट