योग को दिनचर्या बनाना चाहिए- योगाचार्य अनिल तिवारी

योग को दिनचर्या बनाना चाहिए- योगाचार्य अनिल तिवारी

बिलासपुर। आज प्रातः सात बजे विश्व योग दिवस के अवसर पर विवेकानंद उद्यान में योग शिविर का आरंभ करते हुए योगाचार्य अनिल तिवारी ने कहा हम वर्ष में एक बार योग दिवस मनाकर प्रसन्न हो जाते हैं परंतु यदि हम अपने को शारीरिक एवं मानसिक रूप से स्वस्थ रखना चाहते हैं तो योग को दिनचर्या के रूप में अपनाना होगा ,

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योग दिवस का प्रारंभ प्रत्याहार की क्रिया अंतरमौन से प्रारंभ कर अनिल तिवारी ने पवन मुक्तासन अभ्यास के पूर्व गुरुवंदना एवं सुमधुर भजन भजो राधेकृष्ण गोपालकृष्णन से सभी साधकों को अपने से जोड़ लिया, सेतु आसान एवं  पवनपुत्र पवनमुक्तासन के पश्चात सूर्य नमस्कार का अभ्यास सभी ने मिलकर किया, मेरुवक्र आसान भू नामानंसन, जानू सिरसासन, विष्णु आसन, मकराआसान वज्रासन समूह के दो तीन अभ्यास उसथाआसन शशांक आसान आदि का अभ्यास कराया,  

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आसनों के अभ्यास के पश्चात कपालभाति प्राणायाम नाड़ीशोधन प्राणायाम शीतली प्राणायाम, शीतकारी प्राणायाम भ्रामरी प्राणायाम नौमुखी मुद्रा के पश्चात शांतिपाठ कराया गया तत्पश्चात योग निद्रा के पश्चात आज के शिविर का समापन हुआ। आज के योग दिवस के अवसर पर सुधीर गुप्ता , मनोज भंडारी , अनिल सोनी , नंदलाल पमनानी , जगजीतकौर, नीता भंडारी , सुनीता गंभीर , पुष्पा गढ़ेवाल, श्री एवं श्रीमती कमलेश कारी, मायरा भंडारी, तृप्ती कारी, नेहा रायजदा, योगेश शर्मा, चंद्रशेखर विठलकर, धर्मवीर गुप्ता , नरेश सिदारा, संतोष गुप्ता, सुरेंद्र शर्मा केशवराम चंद्र, अशोक दूबे , विमल चौधरी, राजकुमार सोनी,  सागर चौरासिया, राकेश लालवानी, पंकज गुप्ता सहित कई योग साधक मौजूद थे । यह जानकारी पंकज गुप्ता ने दी।

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