केवल मां ही नहीं बच्चे को भी मिलते हैं नॉर्मल डिलीवरी के फायदे, नेचुरल बर्थ के लिए फॉलो करें ये टिप्स

Normal Delivery Benefits: बच्चे को जन्म देने के लिए आजकल नॉर्मल डिलीवरी (Normal Delivery)के साथ साथ सी सेक्शन यानी सिजेरियन डिलीवरी भी काफी प्रचलन में है. अगर होने वाली मां या बच्चे के साथ कोई सेहत संबंधी कॉम्प्लिकेशन हैं तो सिजेरियन ( C Section)सही विकल्प है लेकिन आजकल लोगों को ये आसान विकल्प लगने लगा है. लेकिन हेल्थ एक्सपर्ट कहते हैं कि मां और बच्चे के लिए नॉर्मल डिलीवरी बेस्ट ऑप्शन है. शायद यही वजह है कि हेल्थ एक्सपर्ट के साथ साथ घर के बडे बुजुर्ग और अनुभवी लोग नॉर्मल डिलीवरी की वकालत करते हैं. देखा जाए तो नॉर्मल डिलीवरी जन्म का ऐसा नैचुरल तरीका है जो आगे जाकर ना केवल मां बल्कि बच्चे के लिए भी काफी फायदेमंद होता है. हालांकि इसमें लेबर पेन ज्यादा होती है और इसी लेबर पेन से बचने के लिए आजकल अधिकतर लोग सी सेक्शन की शरण में जाने लगे हैं. चलिए जानते हैं कि नॉर्मल डिलीवरी से मां और बच्चे को क्या फायदा होता है.    नॉर्मल डिलीवरी के फायदे       नॉर्मल डिलीवरी में मां को किसी तरह की सर्जरी से नहीं गुजरना पड़ता. इसमें पेट या वजाइना में किसी तरह का सर्जिकल कट नहीं लगता और ये सुरक्षित तरीका है. दूसरी बात ये है कि सी सेक्शन की तुलना में नॉर्मल डिलीवरी में बच्चे को संक्रमण का खतरा कम होता है. तीसरी बात, सी सेक्शन के बाद पेट में लगने वाले टांके काफी महीनों तक हील नहीं होते, ऐसे में मां को सामान्य कामकाज करने में दिक्कत होती है. जबकि नॉर्मल डिलीवरी में मां को ऐसी दिक्कत नहीं होती. नॉर्मल डिलीवरी का फायदा ये है कि डिलीवरी के बाद मां बच्चे को कुछ देर बाद अपना दूध पिला सकती है जबकि सी सेक्शन में इसके लिए मां को काफी इंतजार करना होता है.    नॉर्मल डिलीवरी में मदद करेंगे ये तरीके     अगर आप भी सी सेक्शन की बजाय नॉर्मल डिलीवरी का तरीका अपनाकर बच्चे को जन्म देना चाहती हैं तो आपको कुछ टिप्स अपनाने होंगे. प्रेग्नेंसी के दौरान होने वाली मां को तनाव से दूर रहना चाहिए. अपना रूटीन खान पान सही औऱ स्वस्थ रखना होगा. इसके अलावा शरीर को हाइड्रेट रखना भी जरूरी होता है. डिलीवरी के लिए डॉक्टर चुनते वक्त ध्यान रखें कि उस डॉक्टर की नॉर्मल डिलीवरी कराने की दर सही हो. मां का वजन ज्यादा होने पर भी सी सेक्शन की संभावना बढ़ जाती है. ऐसे में कोशिश करें कि प्रेग्नेंसी के दौरान आपका वजन बहुत ज्यादा ना बढ़ जाए. इसके अलावा पॉजिटिव लाइफस्टाइल अपनाएं.   यह भी पढ़ें  चावल या साबूदाने की खीर नहीं इस बार ट्राई करें बहुत ही टेस्टी और हेल्दी अखरोट केले की खीर, खाकर आ जाएगा मज़ा

केवल मां ही नहीं बच्चे को भी मिलते हैं नॉर्मल डिलीवरी के फायदे, नेचुरल बर्थ के लिए फॉलो करें ये टिप्स
Normal Delivery Benefits: बच्चे को जन्म देने के लिए आजकल नॉर्मल डिलीवरी (Normal Delivery)के साथ साथ सी सेक्शन यानी सिजेरियन डिलीवरी भी काफी प्रचलन में है. अगर होने वाली मां या बच्चे के साथ कोई सेहत संबंधी कॉम्प्लिकेशन हैं तो सिजेरियन ( C Section)सही विकल्प है लेकिन आजकल लोगों को ये आसान विकल्प लगने लगा है. लेकिन हेल्थ एक्सपर्ट कहते हैं कि मां और बच्चे के लिए नॉर्मल डिलीवरी बेस्ट ऑप्शन है. शायद यही वजह है कि हेल्थ एक्सपर्ट के साथ साथ घर के बडे बुजुर्ग और अनुभवी लोग नॉर्मल डिलीवरी की वकालत करते हैं. देखा जाए तो नॉर्मल डिलीवरी जन्म का ऐसा नैचुरल तरीका है जो आगे जाकर ना केवल मां बल्कि बच्चे के लिए भी काफी फायदेमंद होता है. हालांकि इसमें लेबर पेन ज्यादा होती है और इसी लेबर पेन से बचने के लिए आजकल अधिकतर लोग सी सेक्शन की शरण में जाने लगे हैं. चलिए जानते हैं कि नॉर्मल डिलीवरी से मां और बच्चे को क्या फायदा होता है. 
 
नॉर्मल डिलीवरी के फायदे      
नॉर्मल डिलीवरी में मां को किसी तरह की सर्जरी से नहीं गुजरना पड़ता. इसमें पेट या वजाइना में किसी तरह का सर्जिकल कट नहीं लगता और ये सुरक्षित तरीका है. दूसरी बात ये है कि सी सेक्शन की तुलना में नॉर्मल डिलीवरी में बच्चे को संक्रमण का खतरा कम होता है. तीसरी बात, सी सेक्शन के बाद पेट में लगने वाले टांके काफी महीनों तक हील नहीं होते, ऐसे में मां को सामान्य कामकाज करने में दिक्कत होती है. जबकि नॉर्मल डिलीवरी में मां को ऐसी दिक्कत नहीं होती. नॉर्मल डिलीवरी का फायदा ये है कि डिलीवरी के बाद मां बच्चे को कुछ देर बाद अपना दूध पिला सकती है जबकि सी सेक्शन में इसके लिए मां को काफी इंतजार करना होता है. 
 
नॉर्मल डिलीवरी में मदद करेंगे ये तरीके    
अगर आप भी सी सेक्शन की बजाय नॉर्मल डिलीवरी का तरीका अपनाकर बच्चे को जन्म देना चाहती हैं तो आपको कुछ टिप्स अपनाने होंगे. प्रेग्नेंसी के दौरान होने वाली मां को तनाव से दूर रहना चाहिए. अपना रूटीन खान पान सही औऱ स्वस्थ रखना होगा. इसके अलावा शरीर को हाइड्रेट रखना भी जरूरी होता है. डिलीवरी के लिए डॉक्टर चुनते वक्त ध्यान रखें कि उस डॉक्टर की नॉर्मल डिलीवरी कराने की दर सही हो. मां का वजन ज्यादा होने पर भी सी सेक्शन की संभावना बढ़ जाती है. ऐसे में कोशिश करें कि प्रेग्नेंसी के दौरान आपका वजन बहुत ज्यादा ना बढ़ जाए.