पत्रकार बन महिलाओ पर धौस जमा छेड़खानी करने वाले आदतन बदमाश पर अपराध दर्ज,

पत्रकार बन महिलाओ पर धौस जमा छेड़खानी करने वाले आदतन बदमाश पर अपराध दर्ज,

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बिलासपुर। अपने आप को पत्रकार बता महिलाओं के साथ छेड़खानी करने वाले एक फर्जी पत्रकार के खिलाफ पुलिस ने अपराध दर्ज किया है।  महिला रेलवे कर्मी से आदतन बदमाश स्वाधीन नाग चौधरी ने रेलवे दफ्तर के बाहर छेड़खानी की कोशिश की। शुक्रवार की दोपहर जब महिला रेलवे कर्मी अपने दफ्तर के बाहर मोबाइल पर बात कर रही थी तो बदमाश स्वाधीन नाग चौधरी ब्रेजा गाड़ी में वहां आया और महिला रेलवे कर्मी से छेड़छाड़ करते हुए उसे खींचकर अपनी गाड़ी में बिठाने की कोशिश की। पुलिस ने आदतन बदमाश स्वाधीन नाग चौधरी के खिलाफ अपराध दर्ज कर लिया है। ज्ञातव्य है कि आदतन बदमाश  स्वाधीन नाग चौधरी फर्जी पत्रकार बन के महिलाओं से धौंस जमा छेड़खानी करता है तथा पुलिसकर्मियों पर पत्रकार होने की धौंस जमाता है। उसके खिलाफ पूर्व से ही छेड़–छाड़ के 5 मामले दर्ज व धोखाधड़ी का एक मामला दर्ज है। मामला तोरवा थाना क्षेत्र का है।

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सरकंडा थाना क्षेत्र में रहने वाली 43 वर्षीय महिला दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे में कार्यरत है। शहर का आदतन बदमाश स्वाधीन नाग चौधरी महिला रेलवे कर्मी को ड्यूटी आने जाने के दौरान रास्ते में पिछा कर परेशान करता है। 7 अगस्त को महिला कर्मी को ऑफिस के बाहर रोकने की भी उसने कोशिश की थी। 9 अगस्त को महिला कर्मी जब शाम 6:30 बजे दफ्तर से घर जा रही थी तो ऑफिस के बाहर रोककर उसे धमकी दिया और बोला कि ड्यूटी कैसे करती है मैं देख लूंगा। शुक्रवार 11 अगस्त को दोपहर 3:00 बजे के बीच महिला जब तितली चौक के ऑफिस से बाहर निकाल कर मोबाइल पर बात कर रही थी तब स्वाधीन नाग चौधरी वहां आया। और गलत नियत से हाथ पकड़ कर गाड़ी में बैठाते हुए अपने साथ चलने को कहने लगा।महिला कर्मी के मना करने पर  जबरदस्ती उसे खींच कर कार में बैठाने लगा। महिला कर्मी के शोर मचाने पर   वह भाग निकला। पीड़िता ने अपनी शिकायत में बताया कि आरोपी अक्सर उसे नौकरी छुड़वाने व अन्य जगह शादी करने पर मंडप में ही जान से मारने की धमकी देता है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ 354,354 (d) का अपराध दर्ज कर लिया है।

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वकील को पड़ी जमकर फटकार:–
जब प्रार्थीया थाने में अपराध दर्ज करवा रही थी तो इसकी जानकारी थाने के ही किसी पुलिसकर्मी ने आरोपी स्वाधीन नाग चौधरी तक पहुंचा दी। जिसके बाद आरोपी का वकील थाने पहुंच गया और थाना प्रभारी कमला पुसाम व थाने में मौजूद सीएसपी पूजा कुमार पर हाई कोर्ट अधिवक्ता होने की धौंस जमा कर एफआईआर दर्ज करने से रोकने लगा। जिस पर सीएसपी व थानेदार ने वकील को थाने के काम में हस्तक्षेप करने पर जमकर फटकार लगाते हुए थाने से चलता कर दिया। मिली जानकारी के अनुसार आरोपी स्वाधीन नाग चौधरी की शहरी थानों के निचले स्तर के पुलिसकर्मियों से काफी सांठ–गांठ है जिसके चलते  उसके खिलाफ शिकायत की जानकारी पुलिसकर्मियों के माध्यम से उस तक पहुंच जाती है। इसमें तारबहार थाने का भी एक चर्चित मामला है, जिसमें वहा पदस्थ एएसआई बदमाश स्वाधीन नाग चौधरी को विभिन्न मामलों– मुकदमों की डायरी पढ़वाता है,फिर उससे दिशा निर्देश लेकर उसके कहे अनुसार विवेचना को आगे बढ़ाता है। अधिकारियों को चाहिए कि विभाग की गोपनीयता भंग करने वाले ऐसे पुलिसकर्मियों पर कार्यवाही करे। 

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आदतन अपराधी है आरोपी स्वाधीन नाग, धोखाधड़ी समेत छेड़छाड़ के ही कई मामले हैं दर्ज:–

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आरोपी स्वाधीन नाग चौधरी आदतन ब्लैकमेलर व अपराधी प्रवृत्ति का है। वह कुछ तथाकथित व फर्जी पत्रकारों के गैंग के  साथ  विभिन्न थानों व दफ्तरों में घूमता है और खुद के भी पत्रकार होने की धौंस जमा अनैतिक कार्यों में भी लिप्त रहता है। उसके तथाकथित फर्जी पत्रकार साथी उसका इन मामलों में बखूबी साथ देते है और उसके साथ थानों में जाकर विभिन्न मामलों मुकदमों में पुलिस पर अनावश्यक दबाव बनाते है।  उसके खिलाफ विभिन्न थानों में धोखाधड़ी समेत छेड़छाड़ के ही कई मामले दर्ज है। एक अन्य महिला को भी आरोपी स्वाधीन नाग चौधरी ने इस कदर परेशान कर दिया था कि उसने भी स्वाधीन नाग चौधरी के खिलाफ छेड़छाड़ की एफआईआर दर्ज करवाई थी। एक युवती को इंदु चौक में छेड़छाड़ करने पर राह चलती आम जनता ने आरोपी स्वाधीन नाग चौधरी की  गली के कुत्ते की तरह जमकर कुटाई की थी और उसे सिविल लाइन पुलिस के हवाले कर दिया था। पुलिस ने उसे इस मामले में उसे जेल भी दाखिल किया था। जेल जाने से बचने के लिए उसने स्वास्थ्य कर्मियों से मिलीभगत कर कोरोना पॉजिटिव की फर्जी रिपोर्ट भी बनवा ली थी, पर अधिकारियों के द्वारा सिम्स अस्पताल भेजकर जांच करवाने पर यह रिपोर्ट फर्जी निकली थी जिसके बाद आरोपी को जेल दाखिल किया गया था। जेल से छूटने के पश्चात भी आरोपी स्वाधीन नाग चौधरी की हरकते बंद नहीं हुई। उसने एक महिला बैंक कर्मी का श्रीकांत वर्मा मार्ग में पीछा किया ओवरटेक करके गाड़ी रोकने की कोशिश की थी। जिस पर महिला कर्मी ने रास्ते में लगे सीसीटीवी कैमरों से फुटेज निकलवा तारबहार थाने में आरोपी के खिलाफ अपराध दर्ज करवाया था। 

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 छेड़छाड़ के अन्य मामले में आरोपी की अग्रिम जमानत अर्जी हाईकोर्ट से भी खारिज हो गई थी। जिसके बाद आरोपी ने कोरोना के दौरान लॉकडाउन लगने पर अदालत में सरेंडर कर कोरोना का फायदा उठा जमानत ले लिया था। अक्सर अग्रिम जमानत मिलने से आरोपी के हौसले बुलंद होते जा रहे हैं और वह फिर से महिलाओं व युवतियों को छेड़खानी के शिकार बनाता रहता हैं। इसके अलावा भी पुलिस अफसरों के द्वारा कई बड़े मामलों का बिलासा गुड़ी में खुलासा करने पर वह पत्रकार बन पत्रकारों के बीच  वहां शामिल होने लगा था। पत्रकारों के द्वारा इस बात की शिकायत करते हुए अफसरों को जानकारी देने पर उन्होंने स्वाधीन को फटकार लगा बिलासा गुड़ी आने पर रोक लगा दी थी।

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ब्यूरो रिपोर्ट