स्वदेशी मेला सिर्फ एक आयोजन नहीं, बल्कि हमारी अस्मिता और आत्मसम्मान का उत्सव भी - मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय
स्वदेशी मेला सिर्फ एक आयोजन नहीं, बल्कि हमारी अस्मिता और आत्मसम्मान का उत्सव भी - मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि स्वदेशी केवल आर्थिक सोच नहीं, बल्कि भारत की सुरक्षा, एकता, सांस्कृतिक संरक्षण और आत्मनिर्भरता की आधारशिला है। वैश्वीकरण की प्रतिस्पर्धा के दौर में भी स्वदेशी उत्पादों की मांग तेजी से बढ़ रही है और विदेशी बाजारों में भी छत्तीसगढ़ के उत्पाद अपनी छाप छोड़ रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार स्थानीय लोगों को प्रशिक्षण, प्रोत्साहन और संसाधन उपलब्ध कराकर उन्हें राष्ट्रीय और वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए लगातार कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आइए, हम सब मिलकर हर घर स्वदेशी-हर हाथ स्वदेशी का संकल्प लें। यही आत्मनिर्भर भारत, मजबूत छत्तीसगढ़ और समृद्ध समाज का पथ है मुख्यमंत्री ने स्वदेशी जागरण मंच, उद्यमियों, स्व-सहायता समूहों, कुटीर उद्योगों और उपभोक्ताओं को स्वदेशी आंदोलन को मजबूत करने तथा मेले को सफल बनाने के लिए बधाई और धन्यवाद दिया। मुख्यमंत्री ने स्वदेशी मेला में प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना अंतर्गत 04 हितग्राहियों को प्रथम ऋण राशि वितरित किए।
केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू ने स्वदेशी जागरण मंच को कार्यक्रम की दिव्यता और निरंतरता के लिए हार्दिक बधाई दी। उन्होंने कहा कि पिछले 15 वर्षों में इस आयोजन ने वास्तविक रूप से एक विशाल मेला का स्वरूप ग्रहण कर लिया है, जो स्वदेशी विचारधारा की जनस्वीकृति को दर्शाता है। केंद्रीय राज्य मंत्री ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा दिए गए आत्मनिर्भर भारत के मंत्र को देश की नई दिशा बताया। उन्होंने कहा कि “अब हमें केवल आर्थिक आजादी ही नहीं, बल्कि सांस्कृतिक आजादी की ओर भी आगे बढ़ना है। आत्मनिर्भर भारत का मूल मंत्र यही है कि हम स्वदेशी वस्तुओं का उपयोग बढ़ाएं, स्थानीय उत्पादों को सम्मान दें और अपनी जड़ों से जुड़े रहें।” विधायक श्री धरमलाल कौशिक ने कहा कि भारत की आजादी की लड़ाई में स्वदेशी आंदोलन ने निर्णायक भूमिका निभाई। उन्होंने महात्मा गांधी के पहले स्वदेशी अभियान का उल्लेख करते हुए कहा कि “गांधी जी जब दक्षिण अफ्रीका से भारत लौटे, तब विदेशी कपड़ों की पहली बार सार्वजनिक होली जलाकर यह संदेश दिया कि देश को आत्मनिर्भर बनने के लिए स्वदेशी अपनाना आवश्यक है।” विधायक श्री अमर अग्रवाल ने कहा कि स्वदेशी जागरण मंच द्वारा वर्ष 1991 में प्रारंभ की गई पहल आज देश के आत्मनिर्भर भारत अभियान की आधारशिला बन चुकी है। उन्होंने कहा कि उस समय स्वदेशी का संदेश एक आंदोलन था, आज यह राष्ट्र के आर्थिक स्वाभिमान का मूल मंत्र बन गया है। विधायक अग्रवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र के रूप में स्थापित करने का लक्ष्य रखा है। यह लक्ष्य तभी संभव है जब देश के नागरिक भारत में निर्मित उत्पादों के उपयोग को अपनी जीवनशैली का हिस्सा बनाएं। कार्यक्रम के समापन में अतिथियों को स्मृति चिन्ह भेंटकर सम्मानित किया गया। स्वागत समिति के अध्यक्ष श्री प्रवीण झा ने स्वागत भाषण दिया। वहीं श्री सुब्रत चाकी ने स्वदेशी मेला का प्रस्तावन प्रस्तुत किया।
इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री और जिले के प्रभारी मंत्री श्री अरुण साव, विधायक श्री धर्मजीत सिंह, श्री सुशांत शुक्ला, छत्तीसगढ़ क्रेडा अध्यक्ष श्री भूपेंद्र सवन्नी, पाठ्य पुस्तक निगम अध्यक्ष श्री राजा पांडेय, महापौर श्रीमती पूजा विधानी, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री राजेश सूर्यवंशी, संभागायुक्त सुनील जैन, आईजी संजीव शुक्ला, कलेक्टर संजय अग्रवाल, एसएसपी रजनेश सिंह सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी और गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
स्वदेशी जागरण मंच परिवार से संभागीय संयोजक डॉ. सुशील श्रीवास्तव, प्रांत महिला प्रमुख अरूणा दीक्षित, प्रांत युवा आवाम प्रमुख डॉ. देवेन्द्र कौशिक, स्वावलंबी अभियान प्रांतीय टोली भृगु अवस्थी, संभागीय महिला प्रमुख डॉ. नीता श्रीवास्तव, जिला संयोजक गिरी गोस्वामी, सह संयोजक उदित सूद, सह संयोजक डॉ. ज्योतिन्द उपाध्याय, जिला महिला प्रमुख लता गुप्ता, विचार विभाग प्रमुख शोभा कश्यप, दीप्ती बाजपेयी एवं मीनाक्षी बोमार्डे, संघर्ष वाहिनी प्रमुख जगन्नाथ बोले, अमित श्रीवास, संपर्क प्रमुख मीना गोस्वामी, अरूण सिंह ठाकुर, पूनम श्रीवास, प्रचार प्रमुख जूही जैन, लता ठाकुर, पत्रिका प्रमुख मनीष अग्रवाल, कार्यालय प्रमुख वंदना गोस्वामी, युवा आयाम प्रमुख लक्की बंजारे, वरिष्ठ नागरिक आवास प्रमुख प्रहलाद दुसेजा, नगर संयोजक धीरेन्द्र केशरवानी एवं नगर महिला प्रमुख सुमन द्विवेदी उपस्थित थे।


